मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सशक्त उदाहरण रविवार को कानपुर के मोतीझील लॉन-2 में देखने को मिला, जहां सरस आजीविका मेला–2026 का शुभारंभ किया गया। यह मेला 6 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया, जबकि प्रभारी मंत्री कानपुर और उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उद्घाटन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि समरसता भारतीय संस्कृति का मूल स्वभाव है। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में आत्मविश्वास और अपनी पहचान बनाने की मजबूत इच्छा दिखाई दे रही है।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि इन मेलो से न केवल महिलाओं का सशक्तीकरण होगा, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार होगा। ‘स्वदेशी अपनाओ’ का मंत्र ही विकसित भारत की नींव है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान प्राप्त समूहों में जमदानी साड़ी एवं सूट उत्पाद से जुड़ी उज्ज्वला महिला स्वयं सहायता समूह की सीमा देवी, मसाला उत्पाद से मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह की ऋतु, मिलेट्स उत्पादों से आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह की संगीता सिंह, बुटीक एवं गारमेंट क्षेत्र से किरण स्वयं सहायता समूह की आकांक्षा रजिया तथा घरेलू सजावटी हस्तशिल्प निर्माण से मानसी स्वयं सहायता समूह की मीरा देवी शामिल रहीं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार मेले में महिलाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं को सीधा बाजार उपलब्ध होता है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए मेले में आकर उनके उत्पाद अवश्य खरीदें।
मेले में कानपुर नगर से 29 तथा मंडल के अन्य पांच जनपदों से 31 स्टॉल, कुल 60 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए हैं। मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 8 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।
मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सौंदर्य एवं सुगंध उत्पाद, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, सखी लेदर उत्पाद, जैविक पौध एवं कृषि उत्पाद, स्वच्छता समाधान, सरस स्वाद तथा स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है, जिसे जनसामान्य का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
मेले में विभिन्न जनपदों के पुरस्कार प्राप्त समूहों और उनके उत्पादों को विशेष पहचान मिल रही है। कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद से आए स्वयं सहायता समूहों के सौंदर्य, सुगंध, मसाले, आंवला उत्पाद, हस्तशिल्प, फिनायल-हैंडवॉश तथा वस्त्र उत्पादों की स्टॉलों पर लगातार भीड़ देखी जा रही है।
इस अवसर पर सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, विधायक मोहित सोनकर, एमएलसी सलिल बिश्नोई, सदस्य महिला आयोग पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, अध्यक्ष महिला कल्याण निगम कलावती सिंह, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, रघुनंदन भदौरिया, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
