उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं इससे संबद्ध सभी आनुषंगिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक विधानसभा कक्ष संख्या 08 में आयोजित की गई। बैठक में ‘विकसित भारत’ विषय पर पूर्व में आयोजित बैठक में निर्धारित किए गए 19 पैरामीटर को प्रभावी रूप से किस प्रकार धरातल पर उतारा जाए, इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, समावेशी और तकनीक-आधारित बनाना रहा।
बैठक में आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के विस्तार, निःशुल्क उपचार की उपलब्धता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श किया गया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्धारित पैरामीटर को समयबद्ध, परिणामोन्मुखी एवं जनहितकारी दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए, जिससे आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।
समीक्षा बैठक में अमित घोष, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण; पिंकी जोएल, सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM); रितु माहेश्वरी, सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य; सारिका मोहन, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME); रतन पाल सिंह सुमन, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य; उज्जवल कुमार, प्रबंध निदेशक, स्टेट मेडिकल कॉरपोरेशन; अर्चना वर्मा, विशेष सचिव एवं सीईओ, सांचीज; कृतिका शर्मा, विशेष सचिव एवं प्रबंध निदेशक, प्रमोट फार्मा; आर्यका अखौरी, विशेष सचिव सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी आनुषंगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय, तकनीकी नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप सशक्त बनाया जा सके।

