उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार उन सभी लोगो को जो,कच्चे मकानो मे रह रहे है,और प्रधानमन्त्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता की श्रेणी
मे आते है, उनका पक्के मकान का सपना जरूर पूरा होगा। निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार पात्र लाभार्थियों के चयन हेतु आवास प्लस सर्वेक्षण–2024 के अंतर्गत 58.84 लाख संभावित लाभार्थियों का डाटा कैप्चर किया गया है, जिनके सत्यापन की कार्यवाही प्रगति पर है।
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश भारत सरकार के परफॉर्मेंस इंडेक्स में अग्रणी राज्यों में शामिल है। राजमिस्त्री प्रशिक्षण, सोशल ऑडिट, एरिया ऑफिसर एप के माध्यम से निरीक्षण, आवास पूर्णता की गति, पात्र लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए पट्टा पर भूमि उपलब्ध कराना तथा दोनों स्थायी पात्रता सूचियों के संतृप्तिकरण जैसे मानकों पर प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए उत्तर प्रदेश को विगत वर्षों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य आवासहीन तथा कच्चे एवं जीर्ण-शीर्ण मकानों में निवास कर रहे ग्रामीण गरीब परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2028-29 तक सभी पात्र परिवारों को आवास सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक आवास की इकाई लागत रू 01लाख 20 हजार निर्धारित है। निर्मित आवास का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर है। आवास में शौचालय निर्माण हेतु धनराशि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाती है। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत आवास निर्माण हेतु 90 मानव दिवस का रोजगार भी प्रदान किए जाने का प्रावधान है। योजना के क्रियान्वयन में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में धनराशि उपलब्ध करायी जाती है।
वर्ष 2016-17 से वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को 36.56 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 36.37 लाख आवासों (99.48 प्रतिशत) का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। शेष आवास निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में आवास आवंटन हेतु पूर्व मे तैयार की गई स्थायी पात्रता सूची पूर्ण रूप से संतृप्त हो चुकी है।
उप मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम मे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण व मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के ज्यादातर लाभार्थियों को बुनियादी सुविधाएं जैसे- शौचालय, 90 दिन का मनरेगा में काम,
नि: शुल्क गैस कनेक्शन, नि: शुल्क विद्युत कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड आदि की सुविधाएं दी गयी हैं।कुछ मामलो को छोड़कर यह आवास सम्बंधित परिवार की महिलाओ के नाम आवंटित किये गये हैं। और इन महिलाओ को स्वंय सहायता समूहो से जोड़कर इनके आर्थिक उन्नयन की दिशा मे ठोस व प्रभावी कदम उठाये गये हैं।
