उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गांवों के विकास कार्यों को तीव्र गति से कराए जाने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियो को व्यापक दिशा निर्देश दिये हैं।उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नही होगी। केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय 7- कालिदास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को प्रत्येक विकास खण्ड की 2 ग्राम पंचायतो में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। निर्देश दिये कि इन चौपालो को व्यवस्थित व सुचारू रूप से वृहद स्तर पर आयोजित किया जाए, वहां पर गांव में ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए और इस दौरान "विकसित भारत -जी राम जी" अधिनियम के बारे में भी लोगों को विस्तार से जानकारी दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा विकसित भारत- जी राम जी के बारे में लोगों को जागरूक करने की प्रबल आवश्यकता है,इस अधिनियम के महत्व व महत्ता पर भी विधिवत प्रकाश डाला जाए।ग्राम चौपालों में "विकसित भारत -जी राम जी" के बारे में पंपलेट वितरित कराये जांए। ग्राम चौपाल में समूहों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभाग में किसी भी स्तर से जो पत्र जाते हैं,उन पर समयबद्ध कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। सरकार प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।यह अधिनियम ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर
साबित होगा।प्रदेश सरकार इस कानून को पूरी संवेदनशीलता, व पारदर्शिता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी,और इस दिशा मे प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं।"विकसित भारत -जी राम जी" अधिनियम रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।इसमें रोजगार की गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी है। श्रमिको के पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था को सरल व पारदर्शी किया गया है।किसानों को मजदूरों की कमी दूर करने के लिए राज्यों को बुआई व कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया है
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा की संस्थान में प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ाते हुए सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को पूरी क्षमता के साथ प्रशिक्षण दिया जाए। आजीविका मिशन के सभी प्रशिक्षण एसआईआरडी में ही कराए जाएं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ट्रेनिंग के लिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को नामित करते हुए एक सप्ताह में सूची उपलब्ध करायी जाय। कहा कि जिसे भी ट्रेनिंग दी जाए, सबकी बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की सभी अधिकारी व कर्मचारी सरकार की मन्शा व भावना को समझें और उसके अनुरूप पूरी निष्ठा,ईमानदारी व गम्भीरता के साथ विकास कार्यों को अमली जामा पहनाना सुनिश्चित करें।विकास कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं को हर हाल में सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना है।उनकी ट्रेनिंग की जहां भी जरूरत हो,निश्चित रूप से उन्हें प्रशिक्षित कर उन्हें दक्ष और सक्षम मनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में जिला प्रशिक्षण केन्द्र के अपने भवन नहीं है,वहां पर विभागीय भवनो के निर्माण हेतु प्रस्ताव दिया जाए व बजट का प्राविधान कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता,समयबद्धता व मानकों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। तथा बजट का समय से व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम्य विकास विभाग के पीडीएस संवर्ग व समूह की दीदियो को मिशन कर्मयोगी के तहत भी ट्रेनिंग दिलाई जाए। बैठक में उन्होंने वित्त विभाग एवं स्पर्श प्रणाली के अधिकारियों से भुगतान के संबंध में वार्ता की और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह समन्वय व तारतम्य बनाकर भुगतान की प्रक्रिया को तेज करें। प्लानिंग बनाकर समयबद्ध रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि समूह सखियों को और अधिक सक्रिय किया जाए, उन्हें देय धनराशि समय से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निष्क्रिय समूह को सक्रिय किया जाए और अधिक से अधिक समूह बनाये जांए।समूह सखियों को भी सक्रिय किया जाए। आजीविका मिशन मे फील्ड में मैनपावर की समस्या को शीघ्र दूर किया जाए। कहा कि 3 करोड़ दीदियों को समूहो मे हर हाल में जोड़ना है और एक करोड़ दीदियो को लखपति दीदी हर हाल में बनाना है।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों व पीएमजीएसवाई की सड़कों के निर्माण में, जो ठेकेदार अनावश्यक रूप से विलंब कर रहे हों या निर्माण कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हों, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाए तथा जिनका कार्य अच्छा है, उनका अभिनंदन किया जाए। कहा कि ठेकेदारों की बैठक बुलायी जाए। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के अधिकारियो को निर्देश कि वह विभाग मे नवाचार की प्लानिग करें। सार्वजनिक उद्यम विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये कि वह विभाग की परिसम्पत्तियो के बारे मे होमवर्क करते हुये उसकी रिपोर्ट उपलब्ध करायें।
बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम ने भी महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा, महानिदेशक दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल वेंकटेश्वर लू,
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू,आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन यूपीआरआरडीए मुख्य कार्यपालक अधिकारी
अंकुर कौशिक,ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक इशम सिंह, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
