ऑटोमोबाइल

ADVERTISEMENT
Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

Breaking Posts

लखनऊ नगर निगम के प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद में वेस्ट टू एनर्जी परियोजना का किया अध्ययन


 नगर निगम लखनऊ द्वारा नॉलेज एक्सचेंज एवं कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अहमदाबाद नगर निगम द्वारा संचालित नगर ठोस अपशिष्ट से विद्युत उत्पादन परियोजना का अध्ययन एवं स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों को समझना और उन्हें लखनऊ में लागू करने की संभावनाओं का आकलन करना था।


इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल जी की अध्यक्षता में नगर निगम लखनऊ का एक प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद पहुंचा। निरीक्षण दल में नगर निगम की उपाध्यक्ष श्रीमती चरनजीत गांधी जी, पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’ जी, कई पार्षदगण, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


निरीक्षण के दौरान अहमदाबाद नगर निगम द्वारा प्रतिदिन लगभग 1000 मीट्रिक टन नगर ठोस अपशिष्ट से विद्युत उत्पादन करने वाली आधुनिक परियोजना का विस्तृत अवलोकन किया गया। अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस संयंत्र में म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट से तैयार आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का उपयोग किया जाता है। मार्टिन रिवर्स ग्रेट फायरिंग तकनीक के माध्यम से बॉयलर में अपशिष्ट का सुरक्षित दहन किया जाता है, जिससे प्रति घंटे लगभग 65 टन भाप उत्पन्न होती है।


इस भाप की सहायता से 15 मेगावाट क्षमता की टरबाइन चलाई जाती है, जिससे विद्युत ऊर्जा का उत्पादन होता है। यह परियोजना पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की गई है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 375 करोड़ रुपये है और यह संयंत्र करीब 14 एकड़ भूमि में स्थापित है।


अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना न केवल नगर ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण में सहायक है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कचरे की समस्या कम होने के साथ-साथ शहर को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत भी प्राप्त हो रहा है।


नगर निगम लखनऊ द्वारा भी भविष्य में इस तरह के नवाचार आधारित और टिकाऊ मॉडलों को अपनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस प्लांट का निरीक्षण कर तकनीक, लागत, संचालन और पर्यावरणीय लाभों का गहन अध्ययन किया गया। आने वाले समय में लखनऊ में “वेस्ट टू वेल्थ” आधारित एक सस्टेनेबल मॉडल विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


इसके साथ ही कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के अंतर्गत कार्बन क्रेडिट के क्लेम से जुड़ी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही किए जाने पर नगर निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement
Design by - Blogger Templates |