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झाँसी में "विकसित कृषि-विकसित भारत-2047" अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में "विकसित कृषि-विकसित भारत-2047" अभियान के तहत तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी-2026 का भव्य उद्घाटन किया। 14 से 16 फरवरी तक चलने वाले इस मेले का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और मशीनीकरण को सीधे धरातल पर उतारना है। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए "श्री अन्न उत्कृष्टता केंद्र" तथा "खाद्य परीक्षण एवं प्रसंस्करण केंद्र" का लोकार्पण किया। साथ ही, उन्होंने 20 करोड़ रुपये की लागत वाले "प्राकृतिक एवं जैविक खेती उत्कृष्टता केंद्र" और 11 करोड़ रुपये की "प्राकृतिक कृषि उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला" का शिलान्यास किया, जो बुंदेलखंड की कृषि व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि शोध को प्रयोगशालाओं से किसानों के खेत तक पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने "जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान" का मंत्र देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है और अकेले 30 प्रतिशत गेहूँ का उत्पादन कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि फसल चक्र अपनाने, बीज शोधन और नई तकनीकों के प्रयोग से ही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूर्ण होगा। मंत्री जी ने बताया कि वर्तमान सरकार में कृषि बजट में कई गुना वृद्धि की गई है और बुंदेलखंड के सात जनपदों के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ-साथ निःशुल्क मिनी किट, सोलर पंप और सिंचाई की बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। कृषि मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन' के तहत लाभार्थियों को फार्म मशीनरी बैंक का सांकेतिक वितरण किया, जिसमें 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया है। उन्होंने एआई आधारित तीन अत्याधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन— "DraQ", "Aqua Scan" एवं "पशु आहार मित्र" का भी लोकार्पण किया, जो उन्नत बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित 200 एकड़ के मॉडल फार्म की सराहना करते हुए कहा कि चिया सीड, दलहन, तिलहन और मक्का जैसी फसलों का प्रोत्साहन बुंदेलखंड से पलायन रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर सांसद श्री अनुराग शर्मा, नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चन्द, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह तथा कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने विभिन्न फसलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई विभिन्न तकनीकी पुस्तकों व प्रसार प्रकाशनों का विमोचन भी किया।

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