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मुख्यमंत्री ने कहा- जर्मनी, जापान और सिंगापुर समेत विभिन्न देशों से आ रहा निवेश, युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के अवसर पर शनिवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी की 1500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य जारी है। होली व दीपावली पर लाभार्थियों परिवारों को एक-एक नि:शुल्क सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत देश में 10 करोड़ से अधिक लोगों को गैस कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश में 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। सीएम योगी ने इस अवसर पर दस लाभार्थी महिलाओं को स्वयं सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। *सबका साथ-सबका विकास ही मंत्र* सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाओं और युवाओं से जोड़ने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री कहते भी हैं कि देश में केवल चार जातियां हैं। ये जातियां गरीब, किसान, महिला और युवा हैं। इसमें सभी पंथ, संप्रदाय, मत और मजहब समाहित हैं। ऐसे में जब भी किसी योजना का लाभ दिया जाएगा तो उसका मंत्र केवल “सबका साथ, सबका विकास” ही होगा। कोरोना महामारी समाप्त हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन आज भी देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा मिल रही है। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। यह सरकार की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण है। *जो समाज के लिए काम करेगा, सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी* मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य गारंटी दी जा रही है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में लिया जा सकता है। शिक्षकों तथा बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को भी प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जो समाज के लिए कार्य करेगा, समाज और सरकार दोनों उसके लिए खड़े रहेंगे। ऐसा पहले नहीं था, क्योंकि पहले की सरकारों की सोच संकीर्ण थी। पहले की सरकारें जातीय खेमों में बंटी हुई थीं और समाज को लड़ाने का काम किया जाता था। माफिया समानांतर शासन चलाते थे, अराजकता का माहौल था। उस दौरान न बेटी सुरक्षित थी और ना व्यापारी। पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव की घटनाएं हो जाती थीं, जिसके कारण कर्फ्यू लग जाता था और उत्साह भंग हो जाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रदेश में न कर्फ्यू है और न दंगे। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण बना है। *विभिन्न देशों से निवेश का सीधा लाभ राज्य और युवाओं को मिलेगा* मुख्यमंत्री ने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हाल में जर्मनी से लौटे हैं, जहां उन्होंने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर विभिन्न बैठकों में भाग लिया। वर्ष 2017 से पहले जब उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि विदेश जाते थे, तो प्रदेश को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज देश और दुनिया का हर बड़ा निवेशक उत्तर प्रदेश आना चाहता है। उन्हें विश्वास है कि प्रदेश सरकार सुरक्षा भी दे सकती है और त्वरित निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान भी कर सकती है। प्रदेश में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है और जर्मनी, जापान, सिंगापुर सहित दुनिया के अन्य देशों से जो निवेश आ रहा है, उसका किसी व्यक्ति विशेष या किसी परिवार को निजी लाभ नहीं होने वाला है, बल्कि उसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश और यहां के युवाओं को मिलेगा। यह निवेश प्रदेश के नौजवानों को रोजगार देने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए है। यह अवसर स्वत: नहीं मिलते। इसके लिए निरंतर परिश्रम और समन्वित प्रयास की आवश्यकता होती है। *सुबह से शाम तक काम के परिणाम से आज यूपी निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा* मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक ऐसा लिंक स्थापित करने का कार्य कर रही है, जिसके माध्यम से प्रदेश के योग्य और प्रशिक्षित युवाओं को सरकार की गारंटी के साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। यदि किसी युवा को यहां 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं और वही युवा विदेश में जाकर 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक कमाने लगे, तो यह उसके और उसके परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन की दिशा में बड़ा कदम होगा। यहां का नौजवान जरूर नौकरी और रोजगार पाएगा। सुबह से शाम तक लगातार काम करने का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महिलाओं के प्रति संवेदना, बीमारी से मुक्ति, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता किसान के चेहरे पर खुशहाली, बेटियों की सुरक्षा और व्यापारियों को सम्मानजनक वातावरण देने का विजन है। सरकार इसी उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है, ताकि हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उज्ज्वला योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष 9 सिलेंडर सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रत्येक रिफिल पर 335 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में वापस की जाती है। कनेक्शन मुफ्त दिया गया है और जब लाभार्थी भरा हुआ सिलेंडर खरीदता है, तो सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी उसके खाते में आती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और दुरुपयोग की संभावना भी समाप्त होती है। वहीं प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि दीपावली और होली जैसे प्रमुख पर्वों से पहले प्रत्येक पात्र परिवार को एक भरा हुआ गैस सिलेंडर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश भर में इस संबंध में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि त्योहारों से पहले हर परिवार सम्मानजनक ढंग से अपनी आवश्यकता की पूर्ति कर सके। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार त्योहार के समय किसी असुविधा का सामना न करे और हर घर में खुशहाली और आत्मसम्मान के साथ पर्व मनाया जा सके। *सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को वैक्सिनेशन कार्यक्रम शुरू, महज 300 रुपये में लगाई जा रही वैक्सीन* मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार प्रदेश में महिला सुरक्षा, महिला सम्मान और उनके स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए वैक्सिनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है, जिससे बालिकाओं को गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिल सके। यदि हमारी बेटी सुरक्षित होगी तो हमारा परिवार सुरक्षित होगा। इसी सोच के साथ सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिस वैक्सीन की कीमत पहले लगभग 2100 रुपये थी, उसे कम करते हुए 300 रुपये तक लाया गया है और इसे आगे निःशुल्क करने की व्यवस्था की जा रही है। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार संवेदनशील होती है, तब वह समाज के व्यापक हित में निर्णय लेती है। पहले की सरकारों में लोग जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम करते थे और शासन सीमित दायरे में केवल अपने परिवार तक ही केंद्रित रहता था। प्रदेश को परिवार मानने के बजाय कुछ लोग अपने परिवार को ही प्रदेश समझते थे और संसाधनों का दुरुपयोग करते थे। वर्तमान सरकार के लिए उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही परिवार है। इसी भावना के साथ सरकार सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयासरत है। महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और स्वावलंबन की दिशा में विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीएम ने कहा कि इस बार के बजट में डबल इंजन की सरकार ने गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। *शी-मार्ट, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत आर्थिक आधार देने को ठोस कदम उठाये जा रहे* मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम हो या शी-मार्ट (सेल्फ हेल्प आन्त्रोप्रेन्योर मार्ट), महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत आर्थिक आधार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना लागू की गई है। इसके तहत महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने न केवल इन उत्पादों की गुणवत्ता सुधार (क्वालिटी इंप्रूवमेंट) पर जोर दिया है, बल्कि उनके प्रभावी विपणन के लिए भी बजट का प्रावधान किया है, ताकि ग्रामीण स्तर पर तैयार उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंच सकें और महिलाओं की आय में वृद्धि हो। महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जो महिला उद्यमी बनना चाहती है, उसे एक निश्चित राशि तक गारंटी मुक्त और ब्याज मुक्त ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मार्जिन मनी की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि महिलाएं छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू कर सकें और अपने परिवार को स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ा सकें। प्रयागराज और लखनऊ में मिल्क प्रोड्यूसर संस्थाओं की स्थापना की जा रही है। दुग्ध समितियों के माध्यम से लाखों महिलाएं स्वावलंबन के मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं की आय के स्थायी स्रोत विकसित होंगे। केंद्र सरकार की योजना के तहत महिला श्रमजीवी छात्रावासों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिल सके। इसके साथ ही शी-मार्ट के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे बाजार से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनके उत्पादों को व्यापक बाजार और उचित मूल्य मिल सके। *बेटी के विवाह के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता, महिला श्रम बल की हिस्सेदारी 13 से बढ़कर 36 प्रतिशत* सीएम ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए पहले से संचालित योजनाओं को भी गति दी जा रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मातृ वंदना कार्यक्रम, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटी के विवाह के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिस बेटी को पहले उपेक्षित माना जाता था, आज सरकार स्वयं उसके कन्यादान के लिए आगे आ रही है। गांव की बेटी को सबकी बेटी मानते हुए सरकार उसके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर साथ खड़ी है। इन सभी प्रयासों के साथ सुरक्षा के बेहतर माहौल का भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। पहले जहां महिला श्रम बल की भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, वहीं अब यह बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। आज महिलाएं सरकारी नौकरियों, उद्योगों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती से कार्य कर रही हैं और स्वावलंबन तथा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। *आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर के मानदेय बढ़ाने का लिया निर्णय* सीएम ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर के मानदेय को क्रमिक रूप से बढ़ाने का निर्णय लिया है। ये महिलाएं समाज के बीच रहकर सेवाएं देती हैं। पहले राशन कोटे की दुकानों पर ई-पॉस मशीन न होने से तमाम शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब सभी दुकानों पर ई-पॉस मशीन की व्यवस्था कर दी गई है। इसके साथ ही राशन की दुकानों को मॉडल शॉप के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। मॉडल शॉप के निर्माण के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। दुकानदारों को यह सुविधा दी गई है कि वे नशीले पदार्थों को छोड़कर अन्य सभी आवश्यक वस्तुएं भी बेच सकेंगे। इससे उनकी आय के स्रोत बढ़ेंगे। साथ ही उनके कमीशन में भी वृद्धि की जा रही है, ताकि वे आर्थिक रूप से अधिक सुदृढ़ हो सकें। आज गांव में गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में काम कर रही है, विद्युत सखी के रूप में काम कर रही है, अन्य तमाम प्रकार से कार्य कर रही हैं, अनेक रोजगार की सुविधाएं वहां उपलब्ध हो रही हैं। जिससे समाज का हर तबका स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हो सके, सरकार उसको प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद के सदस्य अवनीश कुमार सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी आदि उपस्थित थे।

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