ऑटोमोबाइल

ADVERTISEMENT
Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

Breaking Posts

गोधन समागम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौजन्य उत्पादों के प्रयोग हेतु आमजन को जागरूक करेगा

उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम गोधन समागम-2026 में वर्ष 2024-25 के प्रदेश के सर्वाधिक दुग्ध आपूर्तिकर्ता 63 दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार और गाय के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले 49 दुग्ध उत्पादकों को नन्दबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कृत सभी 112 दुग्ध उत्पादकों को प्रतीक चिन्ह, पुरस्कार स्वरूप धनराशि, प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 05 जनपदों हरदोई, अलीगढ़, अमरोहा, जालौन तथा रायबरेली के जिलाधिकारियों, सीडीओ एवं सीवीओ को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सिंह जी ने कहा कि गोधन समागम-2026 हमारी गव्य, परंपरा एवं संस्कृति संगम का अद्भुत रूप है। यह समागम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौजन्य उत्पादों के प्रयोग हेतु आमजन को जागरूक करेगा। दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार को बढ़ाने, दुधारू पशुओं के पालन एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों को आमजन तक सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए दुग्ध विकास विभाग प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा से भारतीय गोवंशीय देशी गाय के दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है और गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में गोकुल पुरस्कार के अंतर्गत लखनऊ दुग्ध संघ के लखीमपुर-खीरी जनपद निवासी एवं वेलवा मोती समिति के श्री वरूण सिंह को 1,81,272.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार और फिरोजाबाद दुग्ध संघ के जनपद आगरा की दुग्ध समिति ठेरई के श्री वीरेन्द्र सिंह को 1,10,693.50 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इन दोनों दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 02 लाख रुपये एवं 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि तथा शेष अन्य चयनित लाभार्थियों को जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार नंदबाबा पुरस्कार के तहत मुरादाबाद दुग्ध संघ के जनपद रामपुर की दुग्ध समिति हमीरपुर के लाभार्थी श्री अरूण कुमार को 19,066.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित करते हुए पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इनके अलावा नन्दबाबा जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत अन्य लाभार्थियों को 21 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर सिंह ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पुरस्कृत 112 दुग्ध उत्पादकों में से 25 महिला लाभार्थी है, जो दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओ की भागीदारी का एक सशक्त उदाहरण है।
 उ०प्र० दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 प्रदेश में दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रख्यापित की गयी है। दुग्ध नीति 2022 के अन्तर्गत राज्य में 550 करोड़ का निवेश हुआ है, जिससे प्रतिदिन 39.00 लाख लीटर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि हुई तथा लगभग 1500 रोजगार का सृजन हुआ। दुग्ध नीति अन्तर्गत 35 प्रतिशत अधिकतम रू0 5.00 करोड़ की सीमा तक पूँजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 25.00 करोड का प्राविधान सरकार द्वारा बजट में किया गया है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के द्वारा 5 वर्षों में रु0 1000.00 करोड़ की लागत से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने हेतु स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिये नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 10,000 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया है। 6,121 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों गठित कर 2,44,840 दुग्ध उत्पादकों को उनके गांव में ही दूध के उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 276.55 करोड़ की वित्तीय सहायता से नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजनान्तर्गत 8,000 पशुपालक लाभान्वित होने के साथ-साथ 1750 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियाँ बनायी जायेगी, जिससे लगभग 70,000 दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होगें। कार्यक्रम में मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग, उ0प्र0शासन द्वारा गोधन समागम-2026 की महत्ता पर चर्चा एवं वर्तमान परिदृश्य में भारतीय स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण दिये गये। पशुपालन विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग में संचालित योजनाओं के बहुयामी लाभ के परिणामस्वरूप पशुपालकों/गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गयी। धनलक्ष्मी के0, दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास एवं महानिदेशक, मत्स्य द्वारा कार्यक्रम मे पधारे अतिथियों एवं पुरस्कार विजेताओं का स्वागत करते हुए अवगत कराया गया कि देश में उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। आगामी वर्षांे में भी अग्रणी राज्य बनाये रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनायें संचालित हैं। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत संचालित 25 स्वदेशी गायों की नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, 10 गायों की मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं 02 गायों की मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना संचालित है, जो वर्तमान परिदृश्य में गौपालक को आत्मनिर्भर बनाने में महती भूमिका निभा रही है। गोधन समागम-2026 कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थान एन0डी0डी0बी0, एन0बी0ए0जी0आर0 के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया साथ ही देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रमुख जैसे-शैलजा कान्त, राम सुब्रमण्यम, मिलन शर्मा, शरन खन्ना, शैलेन्द्र सिंह, सचिन उपाध्याय द्वारा गौ-आधारित अर्थव्यवस्था, पशु आहार, हरे चारे, पशु पोषण, नस्ल सुधार तथा पशु स्वास्थ्य व उचित देख-रेख जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा करने के साथ-साथ कार्यक्रम मंे आये गौपालकों/पशुपालकों की जिज्ञासाओं के समाधान पर भी सुझाव साझा किये गये। कार्यक्रम में वैभव श्रीवास्तव, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0डी0एफ0लि0, राम सहाय यादव, विशेष सचिव, दुग्ध विकास विभाग, डा0 मेम पाल सिंह, निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग, डा0 राम सागर, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एवं ए0पी0सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा अपने बहुमूल्य विचार साझा किये गये। गोधन समागम-2026 में लगभग 1000 किसान तथा प्रदेश के सभी जनपदों में वेब कॉस्टिंग के माध्यम से लाखों किसान व आम जनमानस यूट्यूब के माध्यम से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में इन्द्रभूषण सिंह, दुग्धशाला विकास अधिकारी, आशीष कुमार श्रीवास्तव, दुग्धशाला विकास अधिकारी, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, अरविन्द कुमार यादव, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, विवेक कुमार कुशवाहा, व रूपेश मिश्रा की महती भूमिका रही।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement
Design by - Blogger Templates |