प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विधानसभा में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पिछड़ा वर्ग कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वित्त विकास निगम योजना वर्ष 1993-94 में प्रारंभ हुई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों के समय इसमें अनियमितताएं और दुरुपयोग के आरोप सामने आए, जिसके चलते वर्ष 2012-13 में इसे बंद कर दिया गया।
मंत्री कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने वर्ष 2019 में केंद्र के राष्ट्रीय निगम का लगभग 57 करोड़ रुपये का बकाया ऋण चुकाकर निगम की साख बचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछड़ा वर्ग हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के साथ योजनाओं को पुनर्जीवित करने का काम किया है।
छात्रवृत्ति वितरण का उल्लेख करते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लाखों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी पात्र छात्र को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने देना है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि योगी सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सरकार शिक्षा, रोजगार और आर्थिक उन्नयन के नए अवसर उपलब्ध करा रही है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जा सके।
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