अयोध्या के राम मंदिर में 27 मार्च (शुक्रवार) को रामनवमी मनाई जाएगी। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। इस दौरान करीब 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ेंगी।
भगवान राम को पीले रंग का वस्त्र पहनाया जाएगा। जन्म के समय 14 विशेष पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे। इस दौरान सीधा प्रसारण किया जाएगा, इसके लिए राम मंदिर में 6 कैमरे लगाए गए हैं। सूर्य तिलक से आधे घंटे पहले से लेकर आधे घंटे बाद तक वीआईपी पास से एंट्री नहीं होगी।
रामनवमी पर श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे। आरती पास धारकों के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने एक अलग से लाइन तैयार कराई है। आम दिनों में सुबह साढ़े 6 बजे से रात साढ़े 9 बजे तक रामलला के दर्शन होते हैं।
तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डाॅ. अनिल मिश्र ने बताया कि इन उपकरणों के सहारे दोपहर ठीक 12 बजे भगवान सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी। यह सीन करीब 4 मिनट तक देखा जा सकेगा। इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा।


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