उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने के लिए राज्य सरकार ने पंप्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में आज 'इन्वेस्ट यूपी' कार्यालय में * औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’* की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्वीकृत पीएसपी परियोजनाओं के सुचारु संचालन हेतु नियामकीय और प्रक्रियागत बाधाओं को समयबद्ध तरीके से दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए। ये परियोजनाएं न केवल राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी, बल्कि प्रदेश के ऊर्जा भंडारण तंत्र को भी अभूतपूर्व मजबूती देंगी।
नंदी जी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ सुदृढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। नंदी ने परियोजना डेवलपर्स को हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
बैठक में मंत्री जी ने वन और राजस्व अभिलेखों की विसंगतियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, ताकि भूमि आवंटन की बाधाएं दूर हों और पीएसपी (PSP) परियोजनाएं बिना किसी विलंब के समय सीमा में पूर्ण हो सकें
बैठक में 10 प्रमुख पीएसपी डेवलपर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें ग्रीनको एनर्जीज़ प्राइवेट लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अवाडा, टोरेंट पावर, झरिया प्राइवेट लिमिटेड, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, टीएचडीसी, रिन्यू ग्रुप, जीएससी और वेंसर शामिल थे।
इस अवसर पर *अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी विजय किरण आनंद* सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव ने डेवलपर्स को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, जिससे परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

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