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उत्तर प्रदेश के 57 हजार पंचायतों में आधार का कवच- 1000 पंचायतों से पहले चरण का आगाज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन के अनुरूप प्रदेश को ‘डिजिटल प्रदेश’ बनाने की दिशा में पंचायती राज विभाग मिशन मोड में कार्य कर रहा है। ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ने के लिए प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाएं पहुंचाने की तैयारी तेजी से चल रही है। यह पहल गांवों में डिजिटल समावेशन, पारदर्शिता और सेवा वितरण को नई गति देने का कार्य करेगी।
प्रथम चरण में प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। वर्तमान में लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर एवं बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में यह सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे अब तक 9500 से अधिक आधार सेवाएं ग्रामीणों को दी जा चुकी हैं। यह मॉडल अब पूरे प्रदेश में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में पंचायती राज निदेशालय अलीगंज लखनऊ में आधार ऑपरेटरों एवं सुपरवाइजर्स हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उपनिदेशक योगेन्द्र कटियार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस कार्यशाला में 70 पंचायत सहायकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के लगभग 30 आधार ऑपरेटरों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में यूआईडीएआई की टीम द्वारा आधार सेवाओं से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को वैध दस्तावेजों की जांच, डेटा सुरक्षा, तकनीकी सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि त्रुटिपूर्ण अथवा फर्जी दस्तावेज स्वीकार किए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर जी ने कहा कि पंचायत सहायकों और आधार ऑपरेटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। सभी संबंधित कर्मी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक आधार सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। आधार आज आमजन के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और पंचायत स्तर पर इसकी उपलब्धता से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि गांव में ही समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उपनिदेशक योगेन्द्र कटियार ने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर ‘जीरो एरर’ गवर्नेंस की मजबूत नींव है। यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को गति देगी, बल्कि गांवों में सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता का नया अध्याय भी स्थापित करेगी।

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