साथ ही उस जमीन की जांच भी उच्चस्तरीय कराने के आदेश हुए हैं, जिस पर कब्जे को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मचारियों पर लगे आरोपों की जांच तहसीलदार ने की थी। टूंडला में तैनात रहीं आगरा के बल्केश्वर निवासी तहसीलदार राखी शर्मा का स्थानान्तरण डीएम रमेश रंजन ने गुरुवार शाम शिकोहाबाद तहसील में किया था।
इसके कुछ घंटे बाद तहसीलदार ने डीएम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए मीडिया से कहा था कि उनके पास इसके साक्ष्य भी है। उनका कहना था कि दबाव बनाने के लिए डीएम रमेश रंजन ने उनका आठ महीने तक वेतन रोके रखा।
उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने पर रात को कोषागार खुलवाकर वेतन जारी किया। पिछले वर्ष नवंबर में उनसे पौन दो लाख रुपये का आई फोन खरीदकर मंगवाया गया।
इस तरह के आरोपों से लखनऊ तक खलबली मच गई है। जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन ने अपने मीडिया ग्रुप पर रात 10.17 बजे जानकारी साझा करते हुए बताया कि तहसीलदार राखी शर्मा के विरुद्ध शासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
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