उत्तर प्रदेश तेजी से देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्य के रूप में उभर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी जून के पहले हफ्ते में होने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न सिर्फ लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा आसान और तेज होगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों, निवेश, उद्योग और रोजगार को भी नई रफ्तार मिलेगी। लगातार बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए उत्तर प्रदेश अब हाईस्पीड कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के नए मॉडल के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश के 38 जिले एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ने वाला है।
प्रदेश के 38 जिले अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जुड़ चुके हैं। इनमें आगरा, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, अयोध्या, गाजीपुर, चित्रकूट, बांदा, जालौन, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे ने पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के बीच दूरी को काफी कम कर दिया है। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आई है और लोगों को तेज व सुरक्षित सफर का विकल्प मिला है।

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