पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की।
बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है।
तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें DMK या AIADMK नहीं होगी। दो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एम के स्टालिन चुनाव हार गए।
बंगाल में 12 मंत्री हारे, भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट
महिला को मिल सकती है कमान: बंगाल में भाजपा ने बिना चेहरे के चुनाव लड़ा, इसलिए अब बड़ा सवाल यह है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। संभावित नामों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य का नाम सबसे आगे है। पार्टी किसी महिला चेहरे को भी ला सकती है।
भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट: बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा।
ममता समेत 12 मंत्री हारे: सीएम ममता समेत 12 मंत्री चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है।
पहली बार राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार: 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। बांग्लादेश सीमा, घुसपैठ और प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी सख्ती हो सकती है। मोदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में इसका ऐलान भी किया।
नॉर्थ से साउथ तक BJP: साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11, पश्चिम मेदिनीपुर की 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं।
सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत: बंगाल की सतगछिया सीट पर सबसे कम मार्जिन वाली जीत हुई। BJP के अग्निस्वर नास्कर ने TMC के सोमाश्री बेताल को 401 वोट से हराया है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर जीत का मार्जिन सबसे बड़ा रहा। यहां BJP के आनंदमय बर्मन ने TMC के शंकर मलाकर को 1,04,265 वोट से हराया।मोदी ने अपनी जनसभाओं और रोड-शो के जरिए बंगाल की 294 में से 242 सीटें कवर कीं। इनमें से 184 सीटों पर भाजपा की जीत हुई। भाजपा ने राज्य में 208 सीटें जीतीं। जिन सीटों पर मोदी ने सभा या रोड-शो किया, वहां पार्टी का स्ट्राइक रेट 76% रहा।
तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया
एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा है।
TVK का उत्तर-मध्य में दबदबा, 46% स्ट्राइक रेट
विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं।
TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा।
59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार
1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनेगी।
सीएम स्टालिन समेत 34 मंत्रियों में से 15 मंत्री हार गए। इनमें मुख्य तौर पर दुरईमुरुगन, सुब्रमण्यम, पीटीआर पलानिवेल थियाराजन, अनबिल महेश पोय्यामोझी शामिल हैं। हालांकि स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने जीत हासिल की है।
असम में तीसरी बार भाजपा सरकार
असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ।
BJP ने अपर असम और बराक वैली में क्लीन स्वीप किया। पार्टी ने आधी से ज्यादा सीटें यहीं जीतीं। 3 ट्राइबल इलाकों, बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया (BTC), करबी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) और नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल (NCHAC) में भी NDA का दबदबा रहा। यहां असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BOPF) ने ज्यादा सीटें जीतीं। कांग्रेस सिर्फ लोअर असम में सिमट गई।
केरलम में विजयन हारे, अब देश में कहीं लेफ्ट सरकार नहीं
केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। इसके साथ ही अब देश में कहीं भी लेफ्ट सरकार नहीं बची है। ऐसा 5 दशकों में पहली बार हुआ है। सीएम पिनाराई विजयन भी अपनी सीट नहीं बचा सके।
पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे
एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।
पुडुचेरी में AINRC ने 16 में से 12 सीटें जीतकर 75% का सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। भाजपा ने 10 में 4 सीटें जीतकर 40% के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 6% रहा।
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