राजधानी के अलीगंज इलाके में तीसरे तल पर स्थित एक गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई. इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 लोग घायल हैं. जिनका इलाज केजीएमयू में चल रहा है. आग इतनी भीषण थी कि कई लोग बिल्डिंग से नीचे कूद गए. इसके लिए लटक रहे तार को जरिया बनाया. बताते हैं कि जब आग लगी तो गेमिंग जोन कुछ स्टूडेंट्स भी मौजूद थे. इस बीच अलीगढ़ पहुंचे सीएम योगी दौरा छोड़कर लखनऊ घटनास्थल पहुंच गए. सीएम ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं. सीएम ने केजीएमयू पहुंचकर भी घायलों का हालचाल जाना. साथ ही कहा कि किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को बख्शेंगे नहीं. कुछ देर में रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ पहुंच रहे हैं.
अलीगंज में लगी आग ने सिर्फ एक इमारत को नहीं झुलसाया, बल्कि हमारे सिस्टम के उस खोखलेपन को भी बेनकाब कर दिया जो कागजों पर तो चाक-चौबंद है, लेकिन जमीन पर पूरी तरह पंगु। 15 मासूम छात्र, जिनके कंधों पर उनके परिवारों का भविष्य टिका था, आज प्रशासनिक संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गए। यह सोची-समझी लापरवाही से की गई एक सामूहिक हत्या है, जिसके घाव कभी नहीं भरेंगे।
आग लगने की पुख्ता सूचना पाकर हमारी मुस्तैद पुलिस मौके पर पहुंच तो गई, लेकिन हाथों में डंडे और आंखों में रीढ़हीन बेबसी लिए। जब दूसरी मंजिल की खिड़कियों से बच्चे जिंदगी की भीख मांग रहे थे, तब हमारी पुलिस पूरे 15 मिनट तक बाहर खड़े होकर आग की लपटों का जायजा ले रही थी। शायद वे इस बात का वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे थे कि आग कितनी तेजी से फैलती है! गजब की दूरदर्शिता है। जिस पुलिस को आपातकाल की सूचना दी गई, वह अपने साथ एक अदद रस्सी या सीढ़ी तक लाने की जहमत नहीं उठा सकी। क्या हमारे फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स सिर्फ वीआईपी दौरों में रास्ता साफ करने और मूकदर्शक बनने के लिए ही भर्ती किए जाते हैं?
घटना की भयावहता को देखते हुए सीएम योगी अलीगढ़ का दौरा छोड़कर लखनऊ रवाना हो गए. अलीगढ़ में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है. उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है. इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है, जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.
सीएम ने की अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा
घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान
राजनाथ सिंह के साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी पहुँच रहे लखनऊ
*अग्निकांड की घटना में जान गवाने वालो के कुछ नाम आए सामने*
पोस्टमार्टम भेजी गई डेड बॉडी की हुई पहचान
1 सागर उम्र 27 वर्ष की हुई मौत
2 नीलेश उम्र 27 वर्ष की हुई मौत
3 अनामिका उम्र 28 वर्ष की हुई मौत
4 श्याम उम्र 30 वर्ष की हुई मौत
5 अनुचा उम्र 25 वर्ष की हुई मौत
6 सोमालिया उम्र 30 वर्ष की हुई मौत
7 शाहजान उम्र 19वर्ष की हुई मौत
8 रुक्मणि उम्र 24 वर्ष की हुई मौत
9आदित्य श्रीवास्तव उम्र 23वर्ष की हुई मौत
10 अब्दुल रहमान उम्र 24वर्ष की हुई मौत
पोस्टमार्टम हाउस भेजी गई डेड बॉडी के परिजन लगातार पहुंच रहे
कुछ बॉडी की पहचान होना अभी शेष बताया जा रहा है
पीएम मोदी ने भी लखनऊ की घटना पर शोक जताया है. साथ ही मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. इस क्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने भी मृतकों के प्रति शोक संवेदना जताई है. मृतकों के लिए २ लाख मुआवज़े का एलान,घायलों को ५००००



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