यह जानकारी आज यहां डॉ0 मेेमपाल सिंह निदेशक, पशुपालन विभाग ने दी। उन्होंने पशुपालन विभाग में कॉन्क्लेव के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य भेड़, बकरी एवं सूकर पालन से जुड़े हितधारकों एवं पषुपालकों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ वैज्ञानिक तकनीकों, नवीन शोध, व्यवसायिक अवसरों, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, विपणन एवं निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श कर भविष्य के लिये प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। कार्यक्रम के अंतर्गत निम्न प्रमुख गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी-यथा वैज्ञानिक एवं तकनीकी सत्र, पशुपालक-उद्यमी संवाद, स्टार्टअप एवं नवाचार प्रस्तुतीकरण, उद्योग एवं संस्थागत प्रदर्शनी, वित्तीय एवं निवेश अवसरों पर चर्चा, सफल पशुपालकों के अनुभव साझा कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास सत्र।
उत्तर प्रदेश लघु पशुपालन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। वर्तमान में बकरी, भेड़ एवं सूकर पालन के क्षेत्र में उत्पादन, प्रसंस्करण तथा विपणन से जुड़े अनेक नए अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ प्रदेश के पशुपालकों एवं उद्यमियों तक पहुँचाना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख लक्ष्य है। पशुपालन विभाग द्वारा ने प्रदेश के पशुपालकों, उद्यमियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य संबंधित हितधारकों से इस महत्वपूर्ण आयोजन में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
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