मेट्रो के सेकंड फेज के लिए जमीनी काम शुरू हो चुका है. टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही इसी साल जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे अगले 10 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस विस्तार के तहत कुल 150 किलोमीटर का नया मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा और शहर में 10 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इस रिपोर्ट को शासन को भेजा गया था, जिसे सरकार से मंजूरी मिल गई है. अब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसकी विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार कर रहा है और खुद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के जरिए इसकी निगरानी कर रहे हैं.
एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया वाली मौजूदा लाइन को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा अयोध्या रोड पर बाराबंकी तक, सीतापुर रोड पर इटौंजा तक, कानपुर रोड पर उन्नाव तक, हरदोई रोड पर संडीला तक और इसके साथ ही पीजीआई व मोहनलालगंज तक मेट्रो पहुंच जाएगी. पीजीआई, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, बंथरा, राजाजीपुरम, काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद, रहीमाबाद, कमता, चिनहट, मटियारी, बीबीडी, तिवारीगंज, सफेदाबाद, मड़ियांव, केशवनगर, आईआईएम, बृज की रसोई, बख्शी का तालाब और जानकीपुरम जैसे दर्जनों इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे करीब 35 से 40 लाख की आबादी को सीधा फायदा मिलेगा.
आज जहां 2-3 घंटे जाम में फंसकर निकलते हैं, वहीं मेट्रो आने के बाद यही सफर मिनटों में पूरा होगा. लखनऊ मेट्रो का नेटवर्क शहर के कई बड़े और बाहरी इलाकों तक पहुंचेगा, जिनमें शामिल हैं:
बाराबंकी,उन्नाव,संडीला,इटौंजा,मोहनलालगंज,पीजीआई,काकोरी, मलिहाबाद, चिनहट, जानकीपुरम जैसे इलाके. इससे शहर और आसपास के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया जाएगा.
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