प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में सर्किट हाउस, वाराणसी में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाराणसी मंडल के संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण/शिक्षुता), राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर एवं डीपीएमयू अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण/शिक्षुता) वाराणसी मंडल द्वारा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं तथा संस्थानों की प्रगति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। समीक्षा के दौरान मंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के संचालन तथा प्रशिक्षार्थियों की संख्या बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
मंत्री अग्रवाल ने राजकीय आईटीआई में प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणरत विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट प्रतिशत पर सभी प्रधानाचार्यों को विशेष अभियान चलाकर प्रशिक्षार्थियों की काउंसलिंग कराने तथा उनके अभिभावकों से नियमित संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान ड्रॉपआउट प्रतिशत को शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।
पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा, वाराणसी एवं आईटीआई बदलापुर, जौनपुर की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संस्थानों में आवश्यक संसाधनों, मशीनों एवं कार्मिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण प्रारंभ कराया जाए तथा भारत सरकार से आवश्यक स्थायी संबंधन एवं एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु मंत्री ने एमआईएस मैनेजर एवं संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह संस्थानों का निरीक्षण करने तथा प्रशिक्षणार्थियों को आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मंडल के प्रत्येक जनपद में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक में सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया कि आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में 100 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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