अयोध्या-भंग हो सकता है श्रीराम मंदिर ट्रस्ट
June 27, 2026
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने इसे और बल दिया है। दोनों के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर ट्रस्ट के तीन महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में वर्तमान ट्रस्ट भंग कर उसके पुनर्गठन की संभावना बन सकती है। फरवरी 2020 में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास रहे, जबकि दैनिक प्रशासनिक संचालन और अधिकांश महत्वपूर्ण निर्णयों की जिम्मेदारी महासचिव चंपत राय संभालते हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी ट्रस्ट के प्रमुख निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। दोनों पद रिक्त होने पर ट्रस्ट के संचालन का मौजूदा संतुलन प्रभावित होना स्वाभाविक माना जा रहा है। राम मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा, हजारों श्रद्धालुओं का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण कार्य, खरीद, लेखा और मानव संसाधन जैसे कार्य अब अत्यंत व्यापक हो चुके हैं। ऐसे में जवाबदेही, पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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