प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, 8 तिलक मार्ग, लखनऊ के सभागार में विभागीय योजनाओं के लिए बजट में की गई व्यवस्था के सापेक्ष व्यय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में एमएसएमई विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योगी सरकार की प्राथमिक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न हो और सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
मंत्री राकेश सचान ने निर्देश दिए कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सभी प्रशिक्षुओं को टूलकिट का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया, जिससे सांसद, विधायक एवं प्रभारी मंत्री इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहभागिता कर सकें। उन्होंने विश्वकर्मा योजना की प्रगति से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को तहसील एवं ब्लॉक स्तर तक और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कैंपों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो और अधिक से अधिक युवा उद्यमिता से जुड़ सकें।
बैठक में मंत्री सचान ने कहा कि योगी सरकार खादी को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहचान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि खादी के कंबलों एवं अन्य उत्पादों को आधुनिक परिवेश और बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए तथा गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उत्पादन क्षमता में वृद्धि पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। मंत्री ने खादी से जुड़े कारखानों का नियमित निरीक्षण करने तथा कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि खादी उत्पादन से संबंधित जो समितियां निष्क्रिय हैं, उनकी भूमि एवं परिसंपत्तियों का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक अग्रिम कार्यवाही की जाए। उन्होंने सरकारी भूमि के उचित उपयोग, अवैध कब्जों से मुक्त कराने तथा परिसंपत्तियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में रोजगार सृजन, पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समावेश के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, योजनाओं के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें और सरकार की मंशा के अनुरूप परिणामोन्मुखी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को सशक्त किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
