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बजट व्यय करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के वेतन से की जाएगी भरपाई: सूर्य प्रताप शाही


 उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के संयुक्त निदेशकों, उपनिदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बजट व्यय करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के वेतन से इसकी भरपाई की जाएगी। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को अवशेष बजट का तुरंत सदुपयोग करने के कड़े निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए कुल बजट प्राविधान 8620.65 करोड़ रुपये का है, जिसके सापेक्ष 7431.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। माह 30 मार्च, 2026 तक कुल 6432.67 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है, जो कुल प्राविधान का 74.62 प्रतिशत है। योजनाओं की प्रगति के अंतर्गत 7051.85 करोड़ रुपये के सापेक्ष 5351.56 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रत्येक योजना में आवंटित बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इन योजनाओं के लिए 3278.50 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था, जिसमें से 2027.49 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए और 1719.15 करोड़ रुपये (84.79%) व्यय किए गए हैं। कृषि मंत्री ने नेशनल क्रॉप इंश्योरेन्स प्रोग्राम (99.59%), सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (96.08%) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (DPR) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती दिखाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सेक्टर की योजनाओं के अंतर्गत कुल 3773.34 करोड़ रुपये के प्राविधान के सापेक्ष 3632.40 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है, जो स्वीकृति के सापेक्ष 95.55 प्रतिशत है। कृषि मंत्री ने निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु दिए जाने वाले 2400 करोड़ रुपये के अनुदान, आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना और पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना में हुए कार्यों की प्रगति को सराहा। उन्होंने पुनः दोहराया कि किसान हित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन बजट के उपयोग में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।

इस अवसर पर कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित विभाग के अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

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