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सरकार की प्रतिबद्धता: समावेशी, गुणवत्तापरक और परिणामोन्मुख शिक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को भविष्य उन्मुख, तकनीक-सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा Invest UP एवं CSRBOX के सहयोग से नोएडा में “उत्तर प्रदेश सीएसआर राउंड टेबल 2026 ऑन फ्यूचर रेडी एजुकेशन” का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के कॉर्पोरेट, सीएसआर संस्थानों एवं विकास क्षेत्र के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज 96 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह परिवर्तन प्रदेश में शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा शक्ति वाला राज्य है, जिसे सकारात्मक दिशा देकर “नॉलेज इकॉनमी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अब शिक्षा प्रणाली को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल, नवाचार एवं रुचि आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

मंत्री सिंह ने कहा कि “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की भावना के अनुरूप सरकार अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर समाज को ले जाने के लिए शिक्षा को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम मानती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षण, तथा पोषणयुक्त मध्याह्न भोजन जैसी पहलों ने शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि सीखने के परिणामों को बेहतर बनाना है। “निपुण भारत मिशन” के अंतर्गत कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणितीय दक्षता में सुधार के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश जल्द ही इस मिशन में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ कॉर्पोरेट एवं सीएसआर संस्थाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। Invest UP द्वारा संचालित सीएसआर फसिलिटेशन मॉडल की सराहना करते हुए इसे और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि शासन एवं निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके।

राउंड टेबल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पीएम श्री योजना एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षा, विद्यालयी अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षक क्षमता निर्माण, बालिका शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे विषय प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा डिजिटल शिक्षा, STEM, एआई, शिक्षक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग हेतु आशय पत्र (Letter of Intent) प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं देश की अग्रणी संस्थाओं के मध्य समझौते भी हुए, जो प्रदेश में आधुनिक शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा देंगे।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक बेसिक शिक्षा मोनिका रानी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में गुणवत्तापरक, समावेशी एवं तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कॉर्पोरेट एवं विकास साझेदारों के साथ समन्वित प्रयासों को और तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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