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भविष्य में 21 मिनट में तय होगी दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी

उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने गुरूवार को पिकप भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों, संचालित योजनाओं एवं एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे आद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर विस्तृत समीक्षा की। जिसमें मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने, कारपोरेट कल्चर अपनाने के साथ ही अपने कार्यों का लक्ष्य स्वयं निर्धारित करने एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व मेंटीनेंस कार्य बेहतर करने के दिए निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के उद्घाटन के साथ ही पूरा क्षेत्र अब महत्वपूर्ण कार्गो हब बनने जा रहा है। ऐसे में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें और पूरे क्षेत्र को विकसित करें।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी को कम से कम समय में पूरा किया जा सके, इसके लिए रेल एवं रैपिड रेल कनेक्टविटी को लेकर भी महत्वपूण कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोडने वाली रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आर.आर.टी.एस) परियोजना का डी.पी.आर. राज्य सरकार स्वीकृत कर शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा गया है। इसके साथ ही रेल मंत्रालय द्वारा यमुना प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टर एवं जेवर एयपोर्ट को जोडने के लिए चोला-संधि रेल लाईन से जोडने हेतु डी.पी.आर. तैयार किया जा रहा है। भविष्य की दिल्ली वाराणसी हाईस्पीड रेल लाईन को जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल पर एक स्टेशन बनाकर जोडने का प्राविधान डी.पी.आर. में किया गया जिससे दिल्ली की कनेक्टविटी केवल 21 मिनट पूरी की जा सकेगी।
बैठक में बताया गया कि यमुना एक्सप्रेसवे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की कनेक्टविटी के साथ ही प्रदेश के अन्य एक्सप्रेसवे यथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे, पूर्वाचल एक्सप्रेसवे, दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे एवं गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा है जिससे यह क्षेत्र कनेक्टविटी के दृष्टिगत अद्वितीय है।
मंत्री नन्दी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को भू अर्जन का भुगतान ऑनलाइन फास्ट मोड में किया जाए। ऐसा सिस्टम बनाया जाए कि मानचित्र के लिए एनओसी लेने के लिए लोगों को जगह-जगह दौड़ना न पड़े। साथ ही प्लॉट से सम्बंधित बहुत सी जानकारियों को लाइव किए जाने एवं वर्तमान व भविष्य में एआई की उपयोगिता को देखते हुए प्राधिकरण के कार्मिकों को एआई की ट्रेनिंग दिए जाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मंत्री नन्दी ने को बताया कि हाथदस का मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। हाथरस में अर्बन सिटी बनाया जाएगा। हाथरस के बाद आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे का विस्तार होगा। टप्पल बाजना में 4700 एकड़ भूमि पर अर्बन सिटी विकसित किए जाने के योजना की जानकारी दी।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जहाँ उत्तर भारत की सबसे बड़ी एचसीएल-फॉक्सकॉन की सेमीकन्डक्टर चिप बनाने की यूनिट लग रही है, वहीं यहाँ पर सबसे बडा इलेक्ट्रानिक मैम्युफैक्चरिंग कलस्टर का निर्माण हो रहा है। औद्योगिक पार्को जैसे अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एम.एस.एम.ई. पार्क, हैण्डिकाफ्ट पार्क, डेटा पार्क आदि के विकास से औद्योगिकरण को बढ़ावा मिला है, वहीं कनेक्टविटि की बेहतर स्थिति एवं जेवर एयरपोर्ट के कारण प्राधिकरण के साथ-साथ एन.सी.आर. रीजन में निवेश के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है, जो 25 वर्ष की यात्रा का एक अहम प्रतिफल है। आगामी वर्षों में प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक अवस्थापना का और संरचनात्मक विकास होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढेगें, विर्निमाण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरण आनन्द, सीईओ यीडा राकेश कुमार सिंह, एसीईओ यीडा शैलेंद्र कुमार भाटिया, एसीईओ राजेश कुमार सिंह, ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह, ओएसडी महराम सिंह, महाप्रबंधक परियोजना राजेंद्र सिंह भाटी, सहायक महाप्रबंधक उद्योग डॉ. स्मिता सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक परियोजना बीपी सिंह, प्रबंधक संस्थागत रविंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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