आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई ऐसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिनके बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं होती। डॉ अर्चना सिंह (Consultant Rheumatologist, Chandan Hospital, Lucknow) का कहना है कि ल्यूपस भी उन्हीं बीमारियों में शामिल है। यह एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। दिक्कत की बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य थकान या कमजोरी जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय रहते पहचान न हो तो यह बीमारी शरीर के जरूरी अंगों तक को नुकसान पहुंचा सकती है। यही वजह है कि हर साल 10 मई को विश्व ल्यूपस दिवस (World Lupus Day) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने, सही इलाज की जानकारी देने और मरीजों को सपोर्ट करने का संदेश दिया जाता है। 2026 में भी इस दिन को खास थीम के साथ मनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ल्यूपस को समझ सकें।
डॉ अर्चना सिंह (Consultant Rheumatologist, Chandan Hospital, Lucknow) के अनुसार ल्यूपस (Lupus Disease) एक ऑटोइम्यून बीमारी है। आसान भाषा में समझें तो इसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही स्वस्थ अंगों और टिश्यू पर हमला करने लगती है। इसका असर त्वचा, जोड़ों, किडनी, दिल और फेफड़ों तक पर पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। खासकर कम उम्र की महिलाओं में इसके मामले अधिक पाए जाते हैं।
डॉ अर्चना सिंह (Consultant Rheumatologist, Chandan Hospital, Lucknow) बताती है कि ल्यूपस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कई लोगों को लंबे समय तक थकान रहती है, कुछ को जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत होती है। इसके अलावा बार-बार बुखार आना, बाल झड़ना, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना और धूप में ज्यादा परेशानी होना भी इसके संकेत माने जाते हैं। कुछ मरीजों के चेहरे पर तितली के आकार जैसा लाल निशान भी दिखाई देता है, जिसे ल्यूपस का सामान्य लक्षण माना जाता है।
विश्व ल्यूपस दिवस मनाने की शुरुआत साल 2004 में हुई थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करना है। कई बार मरीजों को सही समय पर बीमारी की पहचान नहीं हो पाती, जिससे इलाज में देरी हो जाती है। इस दिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और संस्थाएं लोगों को बताते हैं कि अगर समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो मरीज बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। साथ ही यह दिन रिसर्च और बेहतर इलाज की जरूरत पर भी ध्यान दिलाता है।
फिलहाल ल्यूपस का पूरी तरह इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन सही दवाइयों और अच्छी लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टर संतुलित खानपान, तनाव कम लेने, नियमित जांच और पर्याप्त नींद की सलाह देते हैं। अगर शरीर में लंबे समय तक थकान, जोड़ों में दर्द या स्किन से जुड़ी समस्याएं बनी रहें तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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