उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रकरण में राज्य सरकार ने सोमवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष संशोधित डाटा प्रस्तुत कर दिया है। इस मामले में अब मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है, जिस पर हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
सरकार द्वारा प्रस्तुत डाटा के अनुसार श्रेणीवार कटऑफ इस प्रकार है—
* अनारक्षित (UR): 69.46
* अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 65.92
* अनुसूचित जाति (SC): 60.14
* अनुसूचित जनजाति (ST): 56.09
सरकार ने अपने हलफनामे के साथ 8270 अभ्यर्थियों की सूची भी प्रस्तुत की है, जिनमें ऐसे अभ्यर्थी शामिल हैं जो वर्तमान में कार्यरत नहीं हैं। इनमें 3324 अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली सूची में 4946 ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था, जिन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में सम्मिलित किया गया है। इस प्रकार 3324 OBC अभ्यर्थियों और 4946 रिक्त पदों को मिलाकर कुल 8270 अभ्यर्थियों का डाटा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
इस संबंध में अमरेंद्र पटेल ने कहा कि अभी अंतिम निर्णय होना शेष है और समस्त अभ्यर्थियों की निगाहें विशेष रूप से उस बिंदु पर हैं, जिसमें बी.एड. अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने संबंधी आदेश का प्रभाव देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने प्रस्तुतिकरण में इस आदेश का उल्लेख किया है। यदि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में बी.एड. अभ्यर्थियों को बाहर रखने की स्थिति बरकरार रहती है, तो 69000 भर्ती में पात्र एवं सफल BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
अमरेंद्र पटेल ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और मंगलवार की सुनवाई का इंतजार करें, क्योंकि अब इस पूरे प्रकरण का अंतिम निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर
निर्भर करेगा।

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