भगवान शिव के अतिप्रिय माह सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिरों में तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस बार सावन में सोमवार को भगवान शिव और मंगलवार को मंगला गौरी की आराधना के संयोग से श्रद्धालुओं को भोलेनाथ की विशेष कृपा मिलेगी।
सिद्धपीठ मनकामेश्वर मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। गर्भगृह में प्रवेश वर्जित होगा। महंत देव्या गिरि ने बताया कि 35 सीसी कैमरे से निगरानी की जाएगी। उन्होंने महिलाओं से गहनों को पहनकर न आने की अपील की है। सुबह आठ से नौ और दोपहर तीन से चार बजे 100-100 श्रद्धालुओं को गर्भगृह में पूजन का अवसर मिलेगा। गर्भगृह में पुरुष धोती और महिलाएं साड़ी में ही प्रवेश कर सकेंगी।
राजेंद्र नगर के महाकाल मंदिर में उज्जैन से आई भस्म से भोर में चार बजे महाकाल की भस्म आरती होगी। व्यवस्थापक अतुल मिश्रा ने बताया कि आरती का लाइव प्रसारण मंदिर के बाहर बड़ी स्क्रीन पर होगा। शाम को आरती होगी। चौक के कोनेश्वर मंदिर में भी भोर में कपाट खोल दिए जाएंगे।
सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, रानी कटरा के बड़ा व छोटा शिवाला, ठाकुरगंज के कल्याण गिरि मंदिर, बुद्धेश्वर मंदिर, कृष्णानगर के सहसेवीर मंदिर, इंद्रेश्वर महादेव मंदिर, आलमबाग के मौनी बाबा मंदिर समेत सभी प्रमुख शिव मंदिरों में आराधना होगी।
सावन के पहले सोमवार को सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होगी। आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि 28 को रक्षाबंधन के दिन सावन समापन होगा। दूसरा सावन सोमवार 10 अगस्त को होगा, जिस दिन सोम प्रदोष व्रत का भी संयोग रहेगा। तीसरा सोमवार 17 अगस्त को रवि योग और नाग पंचमी के साथ आएगा, जबकि चौथा और अंतिम सावन सोमवार 24 अगस्त को है। वहीं, सावन की मासिक शिवरात्रि 11 अगस्त को पड़ेगी।
आचार्य शक्तिधर त्रिपाठी ने बताया कि इस सावन में चार मंगला गौरी व्रत चार, 11, 18 और 25 अगस्त को होंगे। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के साथ-साथ अविवाहित कन्याओं के विवाह में आने वाली बाधाओं और मंगल दोष के निवारण के लिए भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।


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