ऑटोमोबाइल

ADVERTISEMENT
Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

Breaking Posts

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ विश्वविद्यालय में 21 पुस्तकों का विमोचन किया


 प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का  विमोचन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की  अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की। भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्त्वाकांक्षी ‘भारत बौद्धिक्स’ योजना के अंतर्गत पुस्तकों का  विमोचन किया गया ।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य परस्पर पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है।


मंत्री उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, जिनका समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को आज वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को अब ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान का मार्गदर्शक बनना होगा और ‘भारत बौद्धिक्स’ जैसी पहलें युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करेंगी।


अपने स्वागत उद्बोधन में कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित ये पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली की गुणवत्ता को सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, बौद्धिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप एक सार्थक पहल बताया।


कार्यक्रम में भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, जिसमें 100 अंकों में से 80 अंक बहुविकल्पीय तथा 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित होंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1,00,000 रूपए, द्वितीय 50,000 रुपए, तृतीय 25,000 रुपए तथा चतुर्थ 2,500 रुपए के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement

Below Post Ad

Google AdSense Icon Advertisement
Design by - Blogger Templates |