प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता में कारागार एवं सुधार सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मंत्री श्री चौहान ने मुख्यालय स्थित एआई सक्षम वीडियो वॉल ‘जार्विस’ के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा इसकी कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इसके पश्चात कारागार विभाग द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभागीय कार्यों की समग्र समीक्षा की गई।
कारागार मंत्री ने पूर्व में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने कारागारों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील बंदियों की लाइव सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी, पीसीओ संचालन व्यवस्था, नवीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय कार्यवाहियों, जेल वार्डर, हेड जेल वार्डर एवं डिप्टी जेलर के नियमित ड्यूटी परिवर्तन, आकस्मिक तलाशी तथा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक सुदृढ़ किए जाने पर विशेष बल दिया।
‘एक जेल–एक उत्पाद’ योजना के संदर्भ में कारागार मंत्री ने निर्देश दिए कि कारागारों में निर्मित उत्पादों को विभिन्न आयोजनों एवं सार्वजनिक मंचों के माध्यम से आमजन तक पहुँचाया जाए, जिससे जन-जागरूकता बढ़े और बंदियों के पुनर्वास को प्रोत्साहन मिल सके।
मंत्री चौहान ने कहा कि कारागार विभाग का मूल उद्देश्य बंदियों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने जेल अधीक्षकों को नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही से घटित घटनाओं में कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बंदी सुधार के दृष्टिगत उन्होंने निर्देश दिए कि अधीक्षक नियमित रूप से परेड आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनें, वृद्ध एवं बीमार बंदियों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ समयपूर्व रिहाई से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कारागार व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर रोल मॉडल बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक में महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना, अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धमेन्द्र सिंह सहित, उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) पी.एन. पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

